Shopping cart

  • Home
  • Blog
  •  मुन्स्यारी – उत्तराखंड का मिनी  कश्मीर 
Blog

 मुन्स्यारी – उत्तराखंड का मिनी  कश्मीर 

 मुन्स्यारी – उत्तराखंड का मिनी  कश्मीर 
Email :174

 मुन्स्यारी – उत्तराखंड का मिनी  कश्मीर 

अगर आप कश्मीर जैसी बर्फ से ढकी चोटियों, हरे-भरे पहाड़ों और मनमोहक वादियों का आनंद लेना चाहते हैं, तो उत्तराखंड के पिथौरागढ़ ज़िले में स्थित मुन्स्यारी आपके लिए आदर्श स्थान है। अपनी  प्राकृतिक सुंदरता और दिलकश नज़ारों के कारण ही इसे “मिनी कश्मीर” कहा जाता है। 

कैसे पहुंचे-

मुन्स्यारी उत्तराखंड के पिथौरागढ़ ज़िले में स्थित है और दिल्ली से इसकी दूरी लगभग 600 किलोमीटर है।

 बस से-  दिल्ली के आनंद विहार बस अड्डे से अल्मोड़ा (लगभग 370 किमी) या हल्द्वानी (लगभग 280 किमी) के लिए सीधी बस सेवाएँ उपलब्ध हैं। अल्मोड़ा या हल्द्वानी से आप लोकल कैब या बस द्वारा मुन्स्यारी (अल्मोड़ा से ~270 किमी, हल्द्वानी से ~320 किमी) पहुँच सकते हैं।
रेल से-  दिल्ली से काठगोदाम रेलवे स्टेशन (लगभग 280 किमी) तक ट्रेन सेवाएँ मिलती हैं। काठगोदाम से मुन्स्यारी की दूरी लगभग 300 किलोमीटर है, जिसे आप टैक्सी या बस द्वारा तय कर सकते हैं।
हवाई मार्ग से-  मुन्स्यारी का सबसे नज़दीकी हवाई अड्डा पंतनगर एयरपोर्ट है, जो मुन्स्यारी से लगभग 330 किलोमीटर दूर है। यहाँ से टैक्सी या बस के माध्यम से मुन्स्यारी पहुँचा जा सकता है।

मुन्स्यारी घूमने का सही समय-

गर्मी का मौसम (मार्च से जून): यह मुन्स्यारी घूमने का सबसे अच्छा समय है। दिन का मौसम सुहावना और ठंडा रहता है (15°C से 25°C), जो ट्रेकिंग और घूमने-फिरने के लिए एकदम उपयुक्त है।

मानसून (जुलाई से सितंबर): इस समय यहाँ भारी बारिश होती है। हालांकि, हरी-भरी वादियाँ और झरने बेहद खूबसूरत लगते हैं, लेकिन भूस्खलन की वजह से यात्रा थोड़ी कठिन हो सकती है।सर्दी का मौसम (अक्टूबर से फरवरी): इस दौरान यहाँ का तापमान 0°C तक गिर जाता है और मुन्स्यारी बर्फ की चादर से ढक जाता है। बर्फबारी का आनंद लेने और बर्फ से ढकी चोटियाँ देखने के लिए यह समय बेहतरीन है।

घूमने के स्थान-

खलिया टॉप –

 मुन्स्यारी – उत्तराखंड का मिनी  कश्मीर 

खलिया टॉप मुनस्यारी का एक लोकप्रिय टूरिस्ट स्पॉट है, यहाँ से बर्फ़ से ढके पंचचूली शिखर, नंदा देवी, राजरंभा और अन्य हिमालयी चोटियों का मनमोहक दृश्य दिखाई देता है। मुन्स्यारी से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित है, मुन्स्यारी से बालाती बैंड (Balati Bend) तक सड़क मार्ग से जाना होता है और वहाँ से लगभग 6 किलोमीटर का ट्रेक शुरू होता है। यह ट्रेक हरे-भरे जंगलों, घास के मैदानों और सुंदर घाटियों से होकर गुजरता है।

पंचचूली पीक

पंचचूली पाँच ऊँचे शिखरों का समूह है। मान्यता है कि स्वर्ग की ओर जाते समय पांडवों ने यहीं अपना अंतिम भोजन पकाया था। इसी कारण इन शिखरों को पंचचूली कहा जाता है – जहाँ “पंच” का अर्थ है पाँच और “चूली” का अर्थ है चूल्हा। पंचचूली पीक्स मुन्स्यारी से साफ़ दिखाई देती हैं और इन्हें देखने के लिए मुन्स्यारी को ही सबसे बेहतरीन जगह माना जाता है। ये पाँचों बर्फ़ से ढके शिखर लगभग हर मौसम में यहाँ से दिखाई देते हैं।

नंदा देवी मंदिर

नंदा देवी मंदिर मुन्स्यारी से लगभग 3 किलोमीटर दूर एक पहाड़ी पर स्थित है| नंदा देवी मंदिर तक मुन्स्यारी से स्थानीय टैक्सी या निजी वाहन से पहुँचकर थोड़ी पैदल दूरी तय की जा सकती है, अगर आपको ट्रैक करना पसंद है तो, लगभग 30–40 मिनट का आसान ट्रेक कर सीधे मंदिर तक पहुँचते हैं।

थामरी कुंड 

 मुनस्यारी से लगभग 3–4 किमी का ट्रेक, जो देवदार और बुरांश के पेड़ों से होकर गुजरता है| एक खूबसूरत प्राकृतिक ताल पहुँचते हो, जो देवदार के घने जंगलों से घिरा हुआ है। माना जाता है कि इस कुंड का पानी कभी सूखता नहीं है और यह स्थानीय लोगों के लिए आस्था का केंद्र भी है। यहाँ पहुँचकर बर्फ से ढकी पंचचूली चोटियों का अद्भुत नज़ारा देख सकते हैं।

बिर्थी फॉल

 बिर्थी फॉल मुनस्यारी का एक बेहद आकर्षक झरना है,  मुनस्यारी से लगभग 35 किमी दूर है। मुख्य सड़क से कुछ दूरी पैदल चलकर झरने तक पहुँचा जा सकता है। हरे-भरे जंगलों और ऊँचे पहाड़ों से घिरा हुआ है, जहाँ पानी की गिरती धाराएँ मन को मोह लेती हैं। मानसून और सर्दियों में यहाँ का नज़ारा और भी शानदार हो जाता हैं।

मुनस्यारी अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता, बर्फ से ढकी पंचचूली चोटियों, शांत झीलों, झरनों और धार्मिक स्थलों के कारण उत्तराखंड के सबसे खास पर्यटन स्थलों में से एक है। यहाँ आने वाला हर यात्री पहाड़ों की गोद में शांति, रोमांच और संस्कृति का अनोखा अनुभव करता है। अगर आप प्रकृति के करीब रहकर सुकून और रोमांचक सफर का आनंद लेना चाहते हैं तो मुनस्यारी आपकी यात्रा सूची में ज़रूर होना चाहिए

देहरादून – गुफाओं से झरनों तक का सफ़र

Related Tag:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts